नाशिक, 22 मार्च 2026 – महाराष्ट्र के नाशिक में कथित भोंदू बाबा अशोक खरात से जुड़ा मामला अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद बन गया है। महिलाओं के शोषण और गंभीर आरोपों के बीच इस केस ने राज्य की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। पुलिस ने अशोक खरात को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है, वहीं मामले में लगातार नए खुलासे सामने आने का दावा किया जा रहा है।

इस पूरे मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नेता रुपाली ठोंबरे पाटील ने पूर्व राज्य महिला आयोग अध्यक्ष रुपाली चाकणकर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ठोंबरे पाटील का कहना है कि चाकणकर और आरोपी अशोक खरात के बीच करीबी संबंध थे और उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती, तो कई महिलाओं को कथित शोषण का शिकार होने से बचाया जा सकता था।

ठोंबरे पाटील ने मांग की है कि इस मामले में रुपाली चाकणकर की भी भूमिका की जांच की जाए और आवश्यक हो तो उन्हें सह-आरोपी बनाया जाए। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार और संबंधित संस्थाओं पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

दूसरी ओर, महिला आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि आयोग ने पीड़ितों की मदद करने के बजाय मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कुछ मामलों में कार्रवाई करने में देरी हुई। इस कारण अब आयोग की कार्यप्रणाली पर भी बहस तेज हो गई है।

हालांकि, रुपाली चाकणकर ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनका अशोक खरात से कोई करीबी संबंध नहीं था और उन्हें उसके कथित अपराधों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी अपील की है कि लोग बिना पुष्टि के सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करें।

मामले के तूल पकड़ने के बाद रुपाली चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

इस मामले ने एक बार फिर महिला सुरक्षा, संस्थाओं की जवाबदेही और राजनीतिक हस्तक्षेप जैसे गंभीर मुद्दों को केंद्र में ला दिया है।