जलगांव जिले के चोपडा शहर में एक दरिंदे को आखिरकार उम्रकैद की सजा मिल गई है। महज 22 साल के इस आरोपी ने अपनी 11 साल की पड़ोसी बच्ची के साथ दरिंदगी की और फिर उसकी निर्मम हत्या कर दी। अमळनेर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती सी. वी. पाटील की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
पुलिस रिकॉर्ड में यह मामला गुन्हा नोंद क्रमांक 454/2024 के तहत दर्ज है। पॉक्सो और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दायर इस मामले में नवंबर 2024 में आरोपपत्र दाखिल किया गया था, और मार्च 2025 में आरोप तय हुए।
अदालत ने इस मामले में कई अहम सबूतों को आधार बनाया। घटना से कुछ समय पहले पीड़िता को आखिरी बार आरोपी के साथ देखा गया था। बाल गवाहों ने जांच के दौरान और अदालत में आरोपी की पहचान की। डीएनए और फोरेंसिक रिपोर्ट ने आरोपी का घटनास्थल और पीड़िता से सीधा संबंध साबित किया। खून के धब्बे और अन्य भौतिक साक्ष्य भी पीड़िता से मेल खाए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन शोषण और गंभीर चोटों से मौत की पुष्टि हुई।
इस मामले की जांच महिला पुलिस निरीक्षक कावेरी कमलाकर ने की, जबकि सरकारी वकील के. आर. बागुल ने अदालत में मजबूती से पैरवी की। इस फैसले को चोपडा में न्याय की जीत के रूप में देखा जा रहा है।
