अमलनेर, 1 मई 2026 – अमलनेर क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से सामने आ रही लड़कियों के लापता होने की घटनाओं ने पूरे इलाके में डर का माहौल बना दिया है। जानकारी के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में अलग-अलग जगहों से 8 युवतियां अचानक गायब हो गईं, जबकि पूरे जिले में ऐसे मामलों की संख्या करीब 65 तक पहुंच चुकी है।
📅 तारीखवार घटनाक्रम (Chronology):
👉 19 अप्रैल: खडके क्षेत्र की 19 वर्षीय युवती रात के समय घर से बिना बताए निकल गई और फिर वापस नहीं लौटी।
👉 20 अप्रैल: पारधीवाड़ा इलाके से दोपहर करीब 4 बजे एक 19 वर्षीय युवती अचानक लापता हो गई।
👉 21 अप्रैल: एक 20 वर्षीय युवती घर से कॉलेज जाने की बात कहकर निकली, लेकिन उसके बाद उसका कोई पता नहीं चला।
👉 24 अप्रैल (सुबह): बोरसे गली की युवती सुबह करीब 7:30 बजे कॉलेज गई, लेकिन वहां से निकलने के बाद घर वापस नहीं आई।
👉 24 अप्रैल (दोपहर): राजाराम नगर की 18 वर्षीय युवती घर से बाहर निकली और उसके बाद लापता हो गई।
👉 अन्य घटना: देवली क्षेत्र में 29 वर्षीय महिला बस स्टैंड के पास से अचानक गायब हो गई।
👉 अन्य घटना: शिवाजीनगर की 20 वर्षीय युवती "पेपर देकर आती हूं" कहकर घर से निकली, लेकिन लौटकर नहीं आई।
👉 अन्य घटना: 22 वर्षीय युवती "दोस्तों से मिलने जा रही हूं" कहकर गई और उसका संपर्क पूरी तरह टूट गया।
इन घटनाओं का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे पुलिस प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की चिंता भी बढ़ गई है। अलग-अलग तारीखों पर हुई इन घटनाओं में कई युवतियां घर से बिना बताए निकल गईं, तो कुछ कॉलेज या दोस्तों से मिलने का कहकर गईं लेकिन वापस नहीं लौटीं।
सूत्रों के अनुसार, 19 से 24 तारीख के बीच कई स्थानों से युवतियों के गायब होने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। किसी ने रात के समय घर छोड़ा, तो कोई दिनदहाड़े लापता हो गई। एक मामले में बस स्टैंड क्षेत्र से एक महिला के गायब होने की भी जानकारी सामने आई है।
इन घटनाओं के बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन कर जांच तेज कर दी है। कॉल डिटेल, सोशल मीडिया कनेक्शन और स्थानीय स्तर पर पूछताछ के जरिए सुराग जुटाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, मामलों की संख्या ज्यादा होने के कारण पुलिस पर दबाव भी साफ नजर आ रहा है।
इधर, परिजनों में भारी चिंता का माहौल है। हर माता-पिता के मन में अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गांवों और मोहल्लों में लोग अब ज्यादा सतर्क हो गए हैं और बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
इन घटनाओं ने कई अहम सवाल भी खड़े कर दिए हैं — क्या ये सिर्फ सामान्य गुमशुदगी के मामले हैं या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है? क्या युवतियों को किसी खास तरीके से निशाना बनाया जा रहा है? इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, अनजान लोगों से संपर्क से बचें और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सजग रहें।
