सतारा :12 मार्च 2026 – महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 10वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं कथित तौर पर 6वीं कक्षा के छात्रों से चेक करवाई गईं। यह घटना सतारा जिले के फलटण क्षेत्र के एक स्कूल से जुड़ी बताई जा रही है और इसका वीडियो CCTV कैमरे में रिकॉर्ड होने के बाद सामने आया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह मामला विडणी गांव के उत्तरेश्वर हाईस्कूल से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि मराठी विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच स्कूल के एक शिक्षक की निगरानी में छोटी कक्षा के छात्रों से करवाई गई।
बताया जा रहा है कि इस दौरान छात्राओं को उत्तर पुस्तिकाएं दी गईं और वे लाल पेन से कॉपियां जांचती दिखाई दीं। यह पूरी घटना स्कूल में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद मामला तेजी से शिक्षा विभाग और बोर्ड अधिकारियों तक पहुंच गया।
मामले के सामने आने के बाद कोल्हापुर डिविजनल बोर्ड के अध्यक्ष राजेश क्षीरसागर ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि शुरुआती स्तर पर मामले की जानकारी मिली है और इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दरअसल 10वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच एक बेहद महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी भरी प्रक्रिया होती है। इसके लिए महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से अधिकृत परीक्षक नियुक्त किए जाते हैं। ऐसे में अगर छोटी कक्षा के छात्रों से कॉपियां जांचने का आरोप सही पाया जाता है तो यह परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़ा कर सकता है।
फिलहाल शिक्षा विभाग इस मामले की जांच कर रहा है और संबंधित स्कूल तथा जिम्मेदार व्यक्तियों से जानकारी ली जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
