जलगांव, 11 मार्च 2026 – महाराष्ट्र के जलगांव जिले के मुक्ताईनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार से जुड़े जमीन अधिग्रहण मामले ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। आरोपों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा की है। इस मामले में पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
मामला उस जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़ा है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार परियोजना के लिए की जा रही थी। आरोप लगाया गया है कि जमीन अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद भी कुछ लोगों ने जमीन की खरीद-फरोख्त की। दावा किया जा रहा है कि ऐसा भविष्य में मिलने वाले अधिक मुआवजे का लाभ उठाने के उद्देश्य से किया गया।
यह मुद्दा महाराष्ट्र विधानसभा में भी उठाया गया। भाजपा विधायक मंगेश चव्हाण ने आरोप लगाया कि अधिसूचना जारी होने के बाद जमीन खरीदने-बेचने का खेल चला, जिससे कुछ लोगों को भारी आर्थिक फायदा हो सकता था। इसके बाद सरकार पर इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने का दबाव बढ़ गया।
विधानसभा में चर्चा के दौरान राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यह मामला कई विभागों और गांवों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है। इसी के चलते सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) बनाने का निर्णय लिया है।
सरकारी जानकारी के अनुसार इस SIT का नेतृत्व विभागीय आयुक्त प्रवीण गडम करेंगे। जांच टीम जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया, जमीन की खरीद-फरोख्त और मुआवजे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। बताया गया है कि यह मामला करीब 6 विभागों और 9 गांवों से जुड़ा हुआ है।
सरकार ने जांच टीम को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि मामले में किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए या अन्य कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल सरकार का कहना है कि अभी तक किसी को भी मुआवजा नहीं दिया गया है, इसलिए तुरंत आपराधिक मामला दर्ज करना संभव नहीं है, लेकिन अनियमितता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस पूरे प्रकरण ने जलगांव और महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर SIT जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
