नाशिक/महाराष्ट्र – महाराष्ट्र में चर्चित बने तथाकथित “भोंदू बाबा” अशोक खरात प्रकरण में अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। मामले की जांच के बीच उपजिल्हाधिकारी अभिजीत भांडे पाटील को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई महसूल मंत्री राधाकृष्ण बावनकुळे के निर्देश पर हुई बताई जा रही है।
जांच में सामने आया कि नाशिक के पाथर्डी शिवार स्थित करीब 40 गुंठा जमीन के 7/12 उतारे में दो नाम पाए गए — एक अभिजीत भांडे पाटील की पत्नी का और दूसरा अशोक खरात की बेटी का। आरोप है कि भांडे पाटील की पत्नी ने खरात परिवार के साथ जमीन और कंपनी में निवेश किया था। इससे पहले उनकी बदली की गई थी और अब निलंबन की कार्रवाई हुई है। उस समय वे SRA यानी स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी में डेपुटेशन पर कार्यरत थे।
अशोक खरात खुद को आध्यात्मिक गुरु और ज्योतिषाचार्य बताता था, लेकिन जांच एजेंसियों के अनुसार उसके खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड और जांच के अनुसार, उस पर महिलाओं को पूजा-पाठ, ग्रहदोष और आध्यात्मिक उपायों के नाम पर जाल में फंसाने, लैंगिक शोषण करने, ब्लैकमेलिंग और करोड़ों रुपये की उगाही करने के आरोप हैं।
मामले में कई महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई है। अब तक 12 से ज्यादा FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें कई केस लैंगिक शोषण से जुड़े हैं जबकि अन्य मामले जमीन घोटाले, धमकी और आर्थिक फसवणूक से संबंधित बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों का दावा है कि अशोक खरात और उसके परिवार के नाम पर नाशिक, शिर्डी और आसपास के इलाकों में करोड़ों रुपये की संपत्तियां मौजूद हैं। इनमें फार्महाउस, बंगले और कृषि जमीन शामिल बताई जा रही है। आरोप यह भी हैं कि किसानों को “शापित जमीन” या अनहोनी का डर दिखाकर जमीन हड़पी गई।
इस पूरे मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है, वहीं Enforcement Directorate यानी ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू कर दी है।
इसी क्रम में राष्ट्रवादी कांग्रेस की नेता और पूर्व राज्य महिला आयोग अध्यक्ष रुपाली चाकणकर से ED ने कई घंटों तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्होंने कहा कि उनका अशोक खरात से कोई आर्थिक या जमीन संबंध नहीं था और केवल सामाजिक तथा धार्मिक कार्यक्रमों में मुलाकात होती थी। ED ने उनकी बहन को भी समन जारी किया है।
सूत्रों के अनुसार, जांच में कई प्रभावशाली लोगों, अधिकारियों और राजनेताओं के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही बोगस अकाउंट्स, बड़े आर्थिक लेन-देन और शस्त्र लाइसेंस की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल यह पूरा मामला जांच के अधीन है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।