जलगांव, 10 मार्च 2026 –
जलगांव जिला परिषद के शाहू महाराज सभागृह में संतुलित आहार और पर्यावरण विषय पर तैयार की गई पुस्तिकाओं का प्रकाशन किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिनल करनवाल ने कहा कि शालेय विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं और उन्हें बचपन से ही संतुलित आहार तथा पर्यावरण के महत्व के बारे में जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।
जिला परिषद के शिक्षा विभाग और जिला शिक्षण व प्रशिक्षण संस्था (DIET) के संयुक्त तत्वावधान में “संतुलित आहार – निरोगी आयुष्याची गुरुकिल्ली” तथा पर्यावरण विषयक पुस्तिकाओं के प्रकाशन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणधीर सोमवंशी, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज चौधर, DIET के प्राचार्य अनिल झोपे, प्रा. चंद्रकांत साळुंखे, शिक्षण अधिकारी निलेश पाटील सहित कई अधिकारी और शिक्षक उपस्थित थे।
इस अवसर पर जिले के शिक्षकों के समूह द्वारा तैयार की गई संतुलित आहार और पर्यावरण विषयक पुस्तिकाओं के साथ-साथ बंजारा भाषा पर आधारित पुस्तिका का भी मान्यवरों के हस्ते प्रकाशन किया गया।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिनल करनवाल ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के बीच जंक फूड का सेवन तेजी से बढ़ रहा है, जिसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने और समाज में व्यापक जनजागृति फैलाने के उद्देश्य से इन पुस्तिकाओं का निर्माण किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी बदलते रहते हैं, लेकिन इस तरह की पुस्तिकाओं के माध्यम से ऐसे उपक्रम लंबे समय तक जारी रह सकते हैं। इसलिए शिक्षकों को चाहिए कि वे विद्यार्थियों में संतुलित आहार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाकर इस पहल को पूरे जिले में प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाएं।
कार्यक्रम की प्रस्तावना DIET के प्राचार्य अनिल झोपे ने रखी और पुस्तिका निर्माण की पृष्ठभूमि तथा इस उपक्रम के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर पुस्तकों के निर्माण में योगदान देने वाले शिक्षकों का मान्यवरों के हस्ते सम्मान भी किया गया।
