जलगांव पुलिस विभाग के दक्षता पेट्रोल पंप पर इंधन बिक्री से प्राप्त राशि में कथित गबन के मामले में फरार चल रहा पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) वाल्मीक वाघ आखिरकार पुलिस के सामने सरेंडर हो गया। इस मामले में उसके बेटे की भी भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसे भी हिरासत में लेकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस विभाग द्वारा संचालित दक्षता पेट्रोल पंप के दैनिक आर्थिक लेनदेन और प्रबंधन की जिम्मेदारी वाल्मीक वाघ के पास मैनेजर के रूप में थी। जांच के दौरान इंधन बिक्री से प्राप्त रकम में बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई। प्रारंभिक जांच में लगभग 1 करोड़ 33 लाख 752 रुपये के गबन की बात सामने आने के बाद वाघ के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।
मामला दर्ज होने के बाद वाल्मीक वाघ फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर भेजी गई थीं। इसी बीच रविवार, 9 मार्च 2026 को वाल्मीक वाघ स्वयं स्थानीय अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) के कार्यालय में पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. महेश्वर रेड्डी के मार्गदर्शन में जांच अधिकारी राहुल गायकवाड ने उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान वाघ ने दावा किया कि उसने केवल 10 से 15 लाख रुपये का ही गबन किया है। हालांकि पुलिस जांच में उसके बैंक खातों में गबन की अवधि के दौरान बड़ी रकम के लेनदेन की संभावना जताई जा रही है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वाघ के बेटे के बैंक खाते में भी संदिग्ध लेनदेन हुए हैं। इसी आधार पर पुलिस ने उसके बेटे शेखर वाघ को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। गबन की कुल राशि कितनी है, पैसा किन खातों में ट्रांसफर हुआ और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका है, इन सभी पहलुओं की जांच जारी है।