गर्मी का मौसम शुरू होते ही कारों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। कई मामलों में देखा गया है कि छोटी सी लापरवाही या वाहन की सही तरीके से देखभाल न करने के कारण कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये की कार जलकर राख हो जाती है। इंजन ओवरहीटिंग, फ्यूल लीकेज, शॉर्ट सर्किट या खराब वायरिंग जैसी तकनीकी समस्याएं अक्सर इस तरह की घटनाओं की मुख्य वजह बनती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों के दौरान कार के अंदर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है। ऐसे में डैशबोर्ड पर रखे सैनिटाइजर, परफ्यूम, पावर बैंक या लाइटर जैसी चीजें भी खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसलिए हर वाहन मालिक के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद आवश्यक है।

नीचे दी गई 5 महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाकर आप अपनी कार और अपने परिवार दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं।

नियमित सर्विसिंग कराना बेहद जरूरी
कार की नियमित सर्विसिंग कराना सबसे जरूरी सुरक्षा उपायों में से एक है। हमेशा वाहन कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर पर ही कार की जांच कराएं। अधिकृत सर्विस सेंटर पर प्रशिक्षित तकनीशियन ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स और प्रमाणित उपकरणों का उपयोग करते हैं, जिससे इंजन, वायरिंग और फ्यूल सिस्टम सुरक्षित रहता है।
हर 6 महीने में एक बार इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच जरूर करानी चाहिए। इससे छोटी खराबियां समय रहते पकड़ में आ जाती हैं और आग लगने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

देसी जुगाड़ और सस्ते एक्सेसरीज से बचें
कार में एक्स्ट्रा लाइट, हाई-पावर म्यूजिक सिस्टम या अन्य आफ्टर-मार्केट एक्सेसरीज लगवाते समय विशेष सावधानी बरतें। अक्सर लोकल गैराज में कार की ओरिजिनल वायरिंग से छेड़छाड़ कर दी जाती है, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।
सस्ती CNG किट, खराब क्वालिटी के चार्जर या घटिया इलेक्ट्रिकल पार्ट्स का उपयोग करना भी खतरनाक हो सकता है। हमेशा कंपनी द्वारा स्वीकृत यानी OEM-अप्रूव्ड पार्ट्स ही इस्तेमाल करें।

गंध, दाग या वार्निंग सिग्नल को नजरअंदाज न करें
अगर कार के नीचे तेल या फ्यूल के दाग दिखाई दें, पेट्रोल या डीजल की तेज गंध आए या डैशबोर्ड पर चेक इंजन या तापमान की चेतावनी लाइट जल रही हो, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें।
ऐसी स्थिति में तुरंत वाहन को मैकेनिक के पास ले जाकर जांच करानी चाहिए। इंजन बहुत गर्म हो तो तुरंत बोनट खोलने से बचें और इंजन के ठंडा होने का इंतजार करें।

कार में हमेशा फायर एक्सटिंग्विशर रखें
हर कार में एक छोटा ABC रेटेड फायर एक्सटिंग्विशर होना चाहिए। इसे ऐसी जगह रखें जहां ड्राइवर को जरूरत पड़ने पर तुरंत मिल सके।
किसी भी आग की घटना में शुरुआती 20–30 सेकंड बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय अगर तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल किया जाए तो आग को फैलने से रोका जा सकता है।
साथ ही हर साल इसकी जांच कराते रहें ताकि जरूरत पड़ने पर यह सही तरीके से काम करे।

डैशबोर्ड वार्निंग लाइट्स और सेफ्टी टूल्स पर ध्यान दें
कार के टेम्परेचर गेज, बैटरी लाइट या चेक इंजन लाइट जैसे संकेतों को कभी नजरअंदाज न करें। ये संकेत किसी बड़ी तकनीकी समस्या की चेतावनी हो सकते हैं।
इसके अलावा कार में सीट बेल्ट कटर और विंडो ब्रेकर टूल जरूर रखें। कई बार आग लगने की स्थिति में इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने से दरवाजे लॉक हो सकते हैं। ऐसे टूल आपात स्थिति में बाहर निकलने में मदद करते हैं।
अगर बोनट के नीचे से धुआं निकलता दिखे तो तुरंत वाहन से दूर हट जाएं और फायर ब्रिगेड को सूचना दें। ऐसे समय बोनट खोलने की कोशिश करने से आग और भड़क सकती है।

अतिरिक्त सुरक्षा सुझाव

कार के अंदर धूम्रपान करने से बचें।

ईंधन भरते समय इंजन हमेशा बंद रखें।

डैशबोर्ड पर सैनिटाइजर, पावर बैंक या परफ्यूम जैसी चीजें न छोड़ें।

इलेक्ट्रिक वाहनों में केवल प्रमाणित चार्जर का ही उपयोग करें।

समय-समय पर बैटरी और वायरिंग की जांच कराते रहें।

निष्कर्ष
वाहन सुरक्षा केवल तकनीक पर नहीं बल्कि वाहन मालिक की सतर्कता पर भी निर्भर करती है। नियमित सर्विसिंग, सही एक्सेसरीज का उपयोग और छोटी-छोटी चेतावनियों पर ध्यान देकर बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
अगर आप इन सावधानियों को अपनाते हैं तो न केवल अपनी कार बल्कि अपने परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए हमेशा सीट बेल्ट का उपयोग करें और वाहन चलाते समय पूरी सतर्कता बरतें।