लखनऊ, 16 अप्रैल 2026 – उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में बुधवार शाम एक बड़ी आगजनी की घटना सामने आई, जिसने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया। टेढ़ी पुलिया इलाके में स्थित झुग्गी बस्ती में शाम करीब 5:30 बजे अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।

यह बस्ती Lucknow Development Authority की जमीन पर बनी हुई थी, जहां करीब 500 से अधिक अस्थायी झोपड़ियां थीं। इनमें अधिकांश लोग असम से आए प्रवासी मजदूर थे, जो कचरा बीनकर अपना जीवनयापन करते थे। आग इतनी तेजी से फैली कि करीब 200 झोपड़ियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं और सैकड़ों लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवाओं और गैस सिलेंडर के धमाकों ने आग को और भी भयावह बना दिया। मौके पर दमकल विभाग की 20 गाड़ियां पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की मौत नहीं हुई, हालांकि कई लोग झुलस गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना के बाद प्रशासन और सरकार ने त्वरित कार्रवाई की। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। डिप्टी सीएम Brajesh Pathak ने मौके का जायजा लिया, जबकि रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भी स्थिति की निगरानी की। प्रभावित लोगों के लिए मेडिकल कैंप और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की गई है।

वहीं समाजवादी पार्टी के नेता Akhilesh Yadav ने इस घटना को गंभीर बताते हुए पीड़ितों के लिए भोजन, पानी और स्थायी आवास की मांग की है, साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी बात कही है।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर अवैध बस्तियों में सुरक्षा इंतजामों की कमी और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।