पहली बार चीन ने माना — ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी एयरबेस पर मौजूद थे चीनी टेक्निकल एक्सपर्ट्स, भारत के सामने बढ़ी नई रणनीतिक चुनौती
जलगांव, 9 मई 2026 – भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अब एक ऐसा खुलासा सामने आया है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन ने पहली बार स्वीकार किया है कि भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान उसने पाकिस्तान को ऑन-ग्राउंड टेक्निकल सपोर्ट दिया था। इस खबर के सामने आने के बाद भारत, पाकिस्तान और चीन के संबंधों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी इंजीनियर और टेक्निकल एक्सपर्ट्स पाकिस्तान के एयरबेस पर मौजूद थे। वहां वे चीनी लड़ाकू विमानों, रडार सिस्टम और अन्य सैन्य उपकरणों को ऑपरेट और मेंटेन करने में मदद कर रहे थे। माना जा रहा है कि यह सहयोग भारत के खिलाफ पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से दिया गया था।
बताया जा रहा है कि “ऑपरेशन सिंदूर” भारत की तरफ से पहलगाम आतंकी हमले के बाद चलाया गया बड़ा सैन्य अभियान था। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और सैन्य संरचनाओं को निशाना बनाया था। भारतीय सूत्रों के अनुसार इस अभियान के दौरान पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा था।
अब चीन के इस कथित कबूलनामे ने भारत की सुरक्षा रणनीति को लेकर नई चिंता बढ़ा दी है। डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन भले ही सीधे युद्ध में शामिल न हो, लेकिन तकनीकी और सैन्य स्तर पर पाकिस्तान को मजबूत करने की कोशिश लगातार कर रहा है। यही वजह है कि भारत तेजी से अपने एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्वदेशी हथियार निर्माण को मजबूत कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भारत को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। एक तरफ पाकिस्तान और दूसरी तरफ चीन की रणनीतिक भागीदारी भारत के लिए बड़ी चिंता बन सकती है। फिलहाल इस पूरे खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक और सैन्य हलचल तेज हो गई है।
