महाराष्ट्र के ठाणे से एक चौंकाने वाला आईवीएफ रैकेट सामने आया है, जिसकी जांच की आंच अब जलगांव तक पहुंच चुकी है।

इस पूरे मामले में ठाणे पुलिस ने जलगांव से एक इलेक्ट्रीशियन को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम सतीश चौधरी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वह आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र तैयार करने में मदद करता था।

जांच में सामने आया है कि इन जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल पीड़ित महिलाओं की असली पहचान छिपाने के लिए किया जाता था, ताकि अवैध अंडाणु निष्कर्षण और सरोगेसी जैसी प्रक्रियाएं बिना किसी शक के कराई जा सकें।

पुलिस का कहना है कि यह एक बड़ा और सुनियोजित नेटवर्क हो सकता है, जिसमें कई बिचौलिए और मेडिकल पेशेवरों की भूमिका होने की आशंका है। इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इसी जांच के दौरान नासिक से एक दंत चिकित्सक डॉ. अमोल पाटिल को भी गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि वह अपनी पत्नी के नाम पर रजिस्टर एक आईवीएफ सेंटर के जरिए अवैध सरोगेसी के अनुबंध कराने में शामिल था।

बताया जा रहा है कि यह पूरा रैकेट तब उजागर हुआ जब ठाणे जिले के बदलापुर में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उससे अंडाणु दान करवाया गया, लेकिन तय भुगतान नहीं दिया गया।

इसके बाद पुलिस ने कथित सरगना सुलक्षणा गाडेकर के घर पर छापा मारा, जहां से हार्मोनल इंजेक्शन और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए।

जांच में यह भी सामने आया है कि मोबाइल फोन से मिले डेटा के अनुसार महिलाओं को 25 हजार से 30 हजार रुपये का लालच दिया जाता था। उन्हें पहले हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते थे और बाद में बेंगलुरु, तेलंगाना, नागपुर, पुणे और नासिक जैसे शहरों में ले जाकर अंडाणु निकालने की प्रक्रिया कराई जाती थी।

इस मामले में उल्हासनगर के भगवान अस्पताल में स्थित एक सोनोग्राफी सेंटर को भी नगर निगम अधिकारियों ने सील कर दिया है। आरोप है कि यहां नियमों का उल्लंघन करते हुए अयोग्य कर्मियों से स्कैन कराया जा रहा था।

इससे पहले इसी अस्पताल की एक नर्स को भी गिरोह के लिए अनधिकृत सोनोग्राफी करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।