हरियाणा के पानीपत से एक अत्यंत हृदयविदारक और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं की बुनियाद पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी पिता के निधन के उपरांत उनकी दो बेटियों ने, जो पेशे से शिक्षिका हैं, उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। यह घटना तब और अधिक दुखद हो गई जब परिजनों को मजबूरन मृत व्यापारी का अंतिम संस्कार वीडियो कॉल के माध्यम से संपन्न कराना पड़ा, ताकि बेटियां कम से कम इस डिजिटल माध्यम से ही अपने पिता के अंतिम दर्शन कर सकें। मामला यहीं नहीं थमा। अंतिम संस्कार के बाद, जब अस्थियां एकत्रित की गईं, तो बेटियों ने अपने पिता की अस्थियां लेने से भी स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। परिवार के शेष सदस्यों और रिश्तेदारों में इस अमानवीय और असंवेदनशील व्यवहार को लेकर गहरा सदमा और आक्रोश व्याप्त है। मृतक के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने वाले करीबी रिश्तेदारों ने बताया कि इस अत्यंत संवेदनशील और दुखद घड़ी में भी बेटियों की ओर से मात्र 51 रुपये की एक सांकेतिक राशि का उल्लेख किया गया, जिसने उनके उदासीन रवैये और शायद संपत्ति से जुड़े विवादों की ओर इशारा किया। यह घटना न केवल स्थानीय समाज में गंभीर चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि इसने आधुनिक समाज में पारिवारिक मूल्यों के क्षरण और व्यक्तिगत स्वार्थ के सामने रिश्तों की मर्यादा को ताक पर रखने की भयावह तस्वीर पेश की है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अनौपचारिक रूप से नज़र बनाए हुए हैं, क्योंकि यह सामाजिक सद्भाव के लिए चिंता का विषय बन गया है।
इंडिया आपतक न्यूज़
KADWA LEKIN SACH
