असम के हरे-भरे जंगलों और पहाड़ी इलाकों में आज दोपहर एक ऐसी घटना घटी जो पूरे देश को हिला देने वाली है। भारतीय वायुसेना का एक सुखोई Su-30MKI फाइटर जेट, जो अपनी घातक ताकत और आधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है, रूटीन ट्रेनिंग मिशन के दौरान अचानक रडार और रेडियो संपर्क से बाहर हो गया। Tezpur एयरबेस के आसपास उड़ान भर रहे इस विमान में दो अनुभवी पायलट सवार थे, और अब पूरा इलाका एक बड़े सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन का केंद्र बन चुका है।
यह विमान, जो भारत की हवाई ताकत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, दोपहर करीब 2 बजे सामान्य उड़ान पर था। वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनिंग के दौरान सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक ही कंट्रोल रूम को कोई सिग्नल नहीं मिला। रडार स्क्रीन पर विमान का निशान गायब हो गया, और कॉल साइन पर भी कोई जवाब नहीं आया। यह खबर जैसे ही बाहर आई, पूर्वोत्तर भारत में तनाव फैल गया। स्थानीय लोग और वायुसेना के परिवार वाले बेचैन हो उठे—क्या यह तकनीकी खराबी थी, मौसम की मार, या कुछ और रहस्यमयी?
तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए, भारतीय वायुसेना ने पूरे इलाके में एक विशाल खोज अभियान चला दिया। Mi-17 हेलीकॉप्टरों की टुकड़ियां आसमान में छानबीन कर रही हैं, जबकि अतिरिक्त Su-30 विमान और C-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट प्लेन हवाई सहायता दे रहे हैं। जमीन पर, स्पेशल फोर्सेस की टीमें असम के घने जंगलों, नदियों और पहाड़ी रास्तों में सर्च कर रही हैं। ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी का भी सहारा लिया जा रहा है ताकि किसी भी क्रैश साइट का सुराग मिल सके। लेकिन अब तक, कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। विमान का डेब्री या इमरजेंसी बीकन सिग्नल भी साइलेंट है, जो चिंता की लकीरें बढ़ा रहा है।
वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संक्षिप्त बयान जारी करते हुए कहा, "हमारे बहादुर पायलटों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सभी संभव संसाधन लगाए जा रहे हैं, और हम आशावादी हैं कि जल्द ही अच्छी खबर आएगी।" यह विमान, जो रूस से आयातित और भारत में HAL द्वारा निर्मित है, 4.5 जेनरेशन का फाइटर है—इसकी स्पीड 2,000 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा, और रेंज 3,000 किलोमीटर। लेकिन आज, यही 'शिकारी' असम की चुनौतीपूर्ण टोपोग्राफी में लापता है, जहां बादल, बारिश और जंगल सर्च को मुश्किल बना देते हैं।
यह घटना वायुसेना के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर जब देश की सीमाओं पर तनाव चरम पर है। पिछले कुछ सालों में Su-30 फ्लीट ने कई सफल मिशन पूरे किए हैं, लेकिन ऐसी दुर्घटनाएं दुर्लभ हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम या ईंधन की समस्या हो सकती है, लेकिन जांच पूरी होने तक कुछ भी पक्का नहीं। फिलहाल, Tezpur बेस पर हाई अलर्ट है, और केंद्र सरकार भी मॉनिटरिंग कर रही है।
अगर आप असम या पूर्वोत्तर के निवासी हैं, तो स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। अपडेट के लिए आधिकारिक चैनलों पर नजर रखें। क्या यह रहस्य सुलझेगा? या असम के जंगलों में कोई बड़ा राज छिपा है? पूरी दुनिया की नजरें अब इस सर्च पर टिकी हैं।
स्रोत: भारतीय वायुसेना आधिकारिक रिपोर्ट्स, 06 मार्च 2026।