जलगांव, 28 मार्च 2026 – महाराष्ट्र में प्रशासन को अधिक पारदर्शी, तेज़ और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में चलाए गए 150 दिवसीय ई-गवर्नेंस सुधार कार्यक्रम में जलगांव जिला कलेक्टर कार्यालय ने राज्यभर में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न सिर्फ प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत कदम भी मानी जा रही है।
मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने जलगांव के जिलाधिकारी Rohan Ghuge को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर आईटी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री Ashish Shelar और राज्य के मुख्य सचिव Rajesh Agrawal भी मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों का मूल्यांकन Quality Council of India द्वारा सात व्यापक मानकों पर किया गया था। जलगांव कलेक्टर कार्यालय ने 200 में से 188 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में जलगांव प्रशासन ने कई अभिनव पहलें लागू की हैं। इनमें सरकारी वेबसाइट का आधुनिकीकरण, ‘आपले सरकार’ पोर्टल की प्रभावी क्रियान्विति, ई-ऑफिस सिस्टम का 100 प्रतिशत उपयोग, डिजिटल डैशबोर्ड, व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों का समावेश शामिल है।
जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट को नागरिकों के अनुकूल बनाते हुए सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुलभ किया गया है। वहीं, ‘आपले सरकार’ पोर्टल पर 19 सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे आवेदन से लेकर सेवा वितरण तक की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है।
नागरिकों की सुविधा के लिए ‘सेतूदूत जलगांव’ नाम से एक व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा भी शुरू की गई है, जिसके जरिए लोग 24 घंटे आवेदन की स्थिति, शिकायत दर्ज करने और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, जिला स्तर पर विकसित डिजिटल डैशबोर्ड को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जोड़ा गया है, जिससे योजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो पाई है।
प्रशासन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जीआईएस तकनीक का उपयोग कर सरकारी गोदामों में अनाज भंडारण की निगरानी, स्वचालित गणना और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया है। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संसाधन और बुनियादी ढांचे से जुड़ा स्थानीय डेटा तैयार कर योजना निर्माण को अधिक सटीक बनाया गया है।
इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी रोहन घुगे ने कहा कि यह सफलता जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, और इसे जलगांव के नागरिकों को समर्पित किया जाता है।
