अहमदाबाद/सूरत, 19 मार्च 2026 – गुजरात में एक बड़े नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें एक कथित योग गुरु मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है। पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करीब 2 से 2.4 करोड़ रुपये की नकली करेंसी जब्त की है। बरामद नोटों में बड़ी संख्या ₹500 के नकली नोटों की बताई जा रही है, जिनकी संख्या हजारों में है।
जांच में सामने आया कि यह पूरा रैकेट सूरत जिले के कामरेज इलाके में स्थित एक आश्रम से संचालित हो रहा था। बाहर से यह आश्रम धार्मिक और योग गतिविधियों का केंद्र दिखाई देता था, लेकिन अंदर नकली नोट छापने का पूरा सेटअप तैयार किया गया था।
इस मामले में मुख्य आरोपी प्रदीप जाटंगिया उर्फ प्रदीप गुरुजी को गिरफ्तार किया गया है, जो इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वह धार्मिक गतिविधियों की आड़ में लंबे समय से यह अवैध कारोबार चला रहा था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था। नकली नोट बनाने के लिए हाई क्वालिटी प्रिंटर, कंप्यूटर और विशेष कागज का उपयोग किया जाता था। इसके अलावा डिजाइन को असली जैसा दिखाने के लिए आधुनिक डिजिटल टूल्स का सहारा लिया गया।
गिरोह लोगों को लालच देने के लिए एक खास योजना भी चला रहा था, जिसमें 500 रुपये असली देने पर 1500 रुपये के नकली नोट देने का ऑफर दिया जाता था। इस तरीके से बाजार में तेजी से नकली नोट फैलाने की योजना थी।
पुलिस को इस पूरे नेटवर्क की जानकारी एक गुप्त सूचना के जरिए मिली। इसके बाद एक संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जहां से भारी मात्रा में नकली नोट बरामद हुए और आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी योग गुरु ने चौंकाने वाला बयान दिया। उसने कहा कि अच्छे काम करने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए खुद ही नोट बनाने का रास्ता अपनाया।
फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट के तार किन-किन राज्यों और लोगों से जुड़े हुए हैं।