जलगांव, 20 मार्च 2026 – जलगांव जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं में कई मासूमों की जान जा रही है, जिसके बाद स्थानीय नागरिक विरोध प्रदर्शन करते हैं, लेकिन हालात में कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिल रहा।
इसी बीच एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। इस वीडियो में जलगांव के तालुका पुलिस स्टेशन के कुछ कर्मचारी एक व्यक्ति से बातचीत करते नजर आ रहे हैं, जो रेत परिवहन से जुड़े काम की शुरुआत करना चाहता है। बातचीत के दौरान प्रति ट्रैक्टर 5 से 7 हजार रुपये तक की रकम की चर्चा होने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लंबे समय से नागरिकों द्वारा यह आरोप लगाया जाता रहा है कि रेत परिवहन से जुड़े कुछ वाहन नियमों का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर चलते हैं, और इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।
सूत्रों के अनुसार, वीडियो में जिन नामों की चर्चा हो रही है, उनमें रामकृष्ण इंगले और अभिषेक पाटिल शामिल बताए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि आरटीआई कार्यकर्ता दीपक कुमार गुप्ता द्वारा पहले भी कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत की गई थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।
इस बीच राज्य में चल रहे अधिवेशन के दौरान कानून व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा पर चर्चा हो रही है। ऐसे समय में इस तरह के आरोप सामने आना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है।
मामले को लेकर अब मांग उठ रही है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा इस कथित वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए। कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच के माध्यम से सच्चाई सामने लाई जा सकती है।
फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले को किस गंभीरता से लेता है और क्या वास्तव में किसी प्रकार की कार्रवाई की जाती है या नहीं।