जलगांव में मानवता और पुलिस की तत्परता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। देऊळगाव गुजरी, जामनेर निवासी 72 वर्षीय हुंनसिंग महारू नाईक जब जामनेर से जलगांव आ रहे थे, तभी उनके साथ एक घटना घटी। अजिंठा चौक पर बस से उतरने के बाद उन्हें पता चला कि उनके पास रखे 10 हजार रुपये गायब हैं।
घटना का एहसास होते ही बुजुर्ग ने तुरंत वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी पीसी महेश विसपुते और हेड कॉन्स्टेबल इंगळे को इसकी जानकारी दी। मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिसकर्मी महेश विसपुते ने बिना समय गंवाए तुरंत कार्रवाई शुरू की।
उन्होंने संबंधित बस का पीछा किया और इच्छादेवी चौक पर बस को रुकवाया। इसके बाद पुलिस ने बस में मौजूद यात्रियों से पूछताछ की। पुलिस की तत्परता और सख्ती का असर यह हुआ कि बस में मौजूद एक यात्री ने तुरंत आगे आकर बताया कि उसे बस में पैसे मिले थे, और उसने वह रकम वापस कर दी।
इस तरह पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सजगता से एक गरीब बुजुर्ग को उसकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकी। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि अगर पुलिस तत्परता से काम करे तो आम नागरिकों का विश्वास और भी मजबूत होता है।
स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मी महेश विसपुते और हेड कॉन्स्टेबल इंगळे के इस सराहनीय कार्य की जमकर प्रशंसा की है। उनकी इस ईमानदार और संवेदनशील पहल ने पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत किया है।