जलगांव, 17 मार्च 2026 – मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण बने संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ‘शिवालिक’ सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। यह टैंकर 46,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर आया था, जिसमें से करीब 20,000 टन गैस मुंद्रा में उतारी गई है, जबकि शेष खेप मंगलोर के लिए भेजी जा रही है।
दरअसल, ईरान द्वारा 4 मार्च के आसपास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए थे। यह जलमार्ग भारत के ऊर्जा आयात के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में गैस और तेल भारत आता है। इस बंदी के चलते भारत के 22 से 24 जहाज समुद्र में फंस गए थे, जिससे देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी। कई शहरों में गैस सिलेंडर की किल्लत, लंबी कतारें और कालाबाजारी की खबरें भी सामने आईं।
इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारत ने ईरान के साथ लगातार कूटनीतिक बातचीत कर जहाजों के लिए रास्ता खुलवाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ‘शिप-बाय-शिप’ आधार पर बातचीत के जरिए टैंकरों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है। ‘शिवालिक’ के अलावा ‘नंदा देवी’ नाम का एक और टैंकर भी इस खतरनाक मार्ग को पार कर चुका है।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना भी इन जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर रही है, जिससे उनका सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘शिवालिक’ के सुरक्षित पहुंचने से देश में एलपीजी संकट को लेकर बनी घबराहट कम होगी और सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।
हालांकि, अभी भी कई जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं और स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। ऐसे में सरकार और एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
