जलगांव, 17 मार्च 2026 – पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सोमवार, 16 मार्च 2026 को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी, जिसमें कुल 144 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। इस सूची का सबसे बड़ा और चर्चित फैसला भवानीपुर सीट को लेकर सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा गया है।

भवानीपुर को ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है, ऐसे में यह मुकाबला राज्य का सबसे हाई-प्रोफाइल चुनावी संघर्ष बन गया है। खास बात यह भी है कि सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहां पहले भी दोनों नेताओं के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल चुकी है।

बीजेपी की इस सूची को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली समिति की मंजूरी मिली है। पार्टी ने इस बार अनुभवी और नए चेहरों का संतुलन बनाने की कोशिश की है। सूची में दिलीप घोष जैसे मौजूदा विधायकों को भी शामिल किया गया है।

उम्मीदवारों की घोषणा के बाद भवानीपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर और झंडे लहराकर इस फैसले का स्वागत किया। हालांकि, पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें भी सामने आई हैं।

अलीपुरद्वार में नए उम्मीदवार परितोष दास को टिकट दिए जाने के विरोध में कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने उन पर टीएमसी से जुड़े होने का आरोप लगाया और विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई।

वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी को कड़ी चुनौती देते हुए कहा है कि उनकी पार्टी इस चुनाव में जोरदार जवाब देगी। उन्होंने चुनाव को विकास, हिंसा के आरोपों और क्षेत्रीय पहचान के मुद्दों से जोड़ते हुए बीजेपी पर निशाना साधा।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होने हैं। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राज्य में राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और भवानीपुर की यह लड़ाई पूरे राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।