असम, 13 मार्च 2026 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को असम के दौरे के दौरान राज्य के विकास के लिए करीब ₹19,480 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की। इन परियोजनाओं में बंदरगाह, जलमार्ग, गैस ग्रिड, हाइड्रो पावर और सड़क नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शामिल हैं, जिनका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के दौरान चाय बागान श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत करते हुए 28,241 श्रमिक परिवारों को जमीन के पट्टे वितरित किए। यह एक बड़े अभियान का पहला चरण है, जिसके तहत लगभग 3.5 लाख चाय बागान श्रमिक परिवारों को भूमि अधिकार देने की योजना बनाई गई है। सरकार का कहना है कि इस पहल से लंबे समय से जमीन के अधिकार से वंचित श्रमिक परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत देशभर के किसानों को भी बड़ी राहत दी। योजना की अगली किस्त के रूप में लगभग ₹18,640 करोड़ की राशि 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की गई। सरकार के अनुसार यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीबों और किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि इस बीच विपक्षी दलों ने भारत द्वारा रूस से तेल आयात को लेकर सरकार से सवाल भी उठाए हैं। कुछ विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार को अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विषय आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि असम में शुरू की गई ये परियोजनाएं पूर्वोत्तर भारत में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकती हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन कितनी तेजी से होता है और इसका वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक किस हद तक पहुंच पाता है।