जलगांव, 12 मार्च 2026 –सोनम पाटिल : निर्माण मजदूर महिलाओं को सरकार की ओर से दिए जाने वाले गृह उपयोगी बर्तनों के सेट के वितरण के दौरान वसूली के आरोप सामने आए हैं। कई लाभार्थी महिलाओं ने आरोप लगाया है कि गोदाम पर मौजूद कर्मचारी केवाईसी के नाम पर उनसे 100 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की मांग कर रहे हैं। महिलाओं ने इस मामले की शिकायत मीडिया के सामने करते हुए नाराजगी जताई।

बताया जा रहा है कि आज बर्तनों के वितरण की तारीख तय होने के कारण सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं गोदाम के बाहर पहुंच गई थीं। सुबह करीब छह से सात बजे के बीच से ही महिलाओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। योजना का लाभ लेने के लिए कई महिलाएं घंटों तक अपने नंबर का इंतजार करती रहीं।

मौके पर बुजुर्ग महिलाओं के साथ-साथ कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर भी लाइन में खड़ी दिखाई दीं। भीड़ इतनी अधिक थी कि गोदाम परिसर के बाहर अव्यवस्था जैसी स्थिति बन गई। जैसे ही बर्तनों से भरा वाहन वहां पहुंचा, भीड़ और बढ़ती नजर आई।

इसी दौरान कई लाभार्थी महिलाओं ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि गोदाम पर मौजूद कुछ कर्मचारी केवाईसी प्रक्रिया के नाम पर उनसे 100 से 300 रुपये तक की मांग कर रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि यदि पैसे नहीं दिए जाते तो बर्तन मिलने में देरी की बात कही जा रही थी।

हालांकि जब इस मामले में गोदाम पर मौजूद कर्मचारियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने किसी भी लाभार्थी से कोई पैसा नहीं लिया है और इस विषय पर ज्यादा प्रतिक्रिया देने से भी उन्होंने इनकार कर दिया।

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि अगर किसी से पैसे नहीं लिए गए तो इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं एक जैसी शिकायत क्यों कर रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए, ताकि जरूरतमंदों के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।