महाराष्ट्र के जलगांव जिले के यावल थाना क्षेत्र के किनगांव में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। 13 जुलाई 2026 की सुबह पहले इसे हादसा माना गया था, जब 70 प्रतिशत दृष्टिबाधित 27 वर्षीय महिला और उसका साढ़े तीन साल का बेटा खेत की एक कुएं में गिर गए थे। इस घटना में मासूम बच्चे की डूबने से मौत हो गई, जबकि महिला घायल अवस्था में बच गई।
शुरुआत में महिला ने इसे दुर्घटना बताया था, लेकिन पुलिस को घटना संदिग्ध लगी। बच्चे के अंतिम संस्कार के बाद देर रात पुलिस ने महिला से दोबारा गहन पूछताछ की, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसकी सास आशाबाई पाटील ने उसे और उसके बेटे को जानबूझकर कुएं में धक्का दिया। शिकायत में महिला ने अपने 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित पति स्वप्निल पाटील की भी इस साजिश में संलिप्तता का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार, डॉक्टरों ने पहले ही बताया था कि दंपति का होने वाला बच्चा भी दृष्टिबाधित हो सकता है। आरोप है कि पति गर्भपात कराना चाहता था, लेकिन महिला ने बच्चे को जन्म दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और महिला करीब ढाई साल तक मायके में रही थी।
घटना वाले दिन परिवार खेत में कुएं की पूजा करने गया था। आरोप है कि उसी दौरान महिला और उसके बेटे को कुएं में धक्का दे दिया गया। महिला कुएं के अंदर लकड़ी के सहारे अपनी जान बचाने में सफल रही, लेकिन उसका साढ़े तीन वर्षीय बेटा कृष्णा डूब गया।
यावल पुलिस ने महिला की शिकायत पर बीएनएस की धारा 103(1), 109(1) और 3(5) के तहत हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और मामले की आगे जांच जारी है।
