नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान एक असामान्य घटना सामने आई। लखनऊ निवासी याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप ने स्वयं अपनी पैरवी करते हुए सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों को "Mr. Judicial Servant" कहकर संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने कथित रूप से अदालत में दस्तावेज़ फेंके और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें कोर्ट रूम से बाहर ले जाया।

यह मामला लखनऊ के एसीपी विकास नगर और एक निजी टेक कंपनी के खिलाफ कथित साइबर अपराध की शिकायत से जुड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी, लेकिन अवमानना की कार्रवाई नहीं की। पीठ ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता गहरी निराशा और तनाव में प्रतीत हो रहे थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद न्यायपालिका, अदालत की गरिमा और न्याय व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई है।