जलगांव। जैन इरिगेशन परिवार ने सामाजिक सरोकार की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कंपनी की संस्थापक परिवार की सदस्य स्वर्गीय सौ. कांताबाई जैन की 21वीं स्मृति दिवस पर विशेष रक्तदान अभियान आयोजित किया। कांताई की स्मृतियों को समर्पित इस अभियान में कंपनी के 480 सहकर्मियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। कांताई का जैन इरिगेशन के सहकर्मियों के साथ हमेशा आत्मीय और पारिवारिक रिश्ता रहा। यही वजह है कि उनकी स्मृति में आयोजित होने वाले रक्तदान अभियान से कर्मचारी भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। कंपनी की ओर से हर वर्ष 6 सितंबर को यह अभियान आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में योगदान देना है। कई शहरों और प्रतिष्ठानों में हुआ रक्तदान इस बार रक्तदान अभियान कंपनी के विभिन्न प्रमुख प्रतिष्ठानों में एक साथ आयोजित किया गया। सुबह 9 बजे शुरू हुआ अभियान शाम 7 बजे तक चला। जैन इरिगेशन के टी.सी. पार्क और जैन प्लास्टिक पार्क में सबसे अधिक 307 लोगों ने रक्तदान किया। वहीं जैन एग्री पार्क, एनर्जी पार्क, फूड पार्क और डिवाइन पार्क में 149 सहकर्मी रक्तदाता बने। इसके अलावा चित्तूर में 9, उदमलपेठ में 7, अलवर में 2 और हैदराबाद में 6 सहकर्मियों ने रक्तदान किया। इस तरह कुल 480 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। श्रद्धांजलि के साथ हुई अभियान की शुरुआत जैन फूड पार्क के एडमिन ऑफिस सभागार और जैन प्लास्टिक पार्क के डेमो बिल्डिंग हॉल में स्वर्गीय कांताबाई जैन की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर रक्तदान अभियान की शुरुआत की गई। प्लास्टिक पार्क में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन मिलिंद खारुल, जनमेजय नेमाडे, किशोर सोनार, सी. एस. नाईक और सिविल विभाग की डॉ. श्वेता वळवी ने किया। इस अवसर पर कंपनी के विभिन्न विभागों के प्रमुख भी मौजूद रहे। जैन फूड पार्क में सौ. ज्योती जैन ने रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने स्वयं रक्तदान कर अभियान में सहभागिता की। इस दौरान डॉ. कल्याणी नागुलकर के साथ वरिष्ठ सहकर्मी सुनील गुप्ता, संजय पारख और जी. आर. पाटील सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कई संस्थाओं ने संभाली रक्त संग्रह की जिम्मेदारी रक्त संग्रह के लिए जलगांव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी और माधवराव गोळवलकर स्वयंसेवी रक्तपेढ़ी सहित विभिन्न संस्थाओं ने सहयोग दिया। रेड क्रॉस रक्तपेढ़ी की टीम ने भी शिविर में रक्त संग्रह की जिम्मेदारी संभाली। डॉ. शंकरलाल सोनवणे, डॉ. उल्हास तासखेडकर और मंगलाबाई ठोमरे ने रक्त संग्रह की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जैन इरिगेशन की ओर से स्वर्गीय हिरालालजी जैन की स्मृति में भी हर वर्ष 9 मार्च को इसी तरह रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है। इन अभियानों में कंपनी के सहकर्मियों की लगातार भागीदारी सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सामाजिक जिम्मेदारी का मजबूत संदेश जैन इरिगेशन के अध्यक्ष अशोक जैन ने रक्तदान अभियान में सहकर्मियों की भागीदारी को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि कांताई के प्रति सहकर्मियों के मन में मौजूद सम्मान और कंपनी के प्रति उनकी आत्मीयता इस अभियान में दिखाई देती है। उनका यह योगदान कंपनी की सामाजिक जिम्मेदारी को और मजबूत करता है। कांताई की स्मृति में आयोजित यह अभियान केवल रक्त संग्रह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जैन इरिगेशन परिवार की प्रतिबद्धता का संदेश भी देता है।