भारी बारिश के बीच हुए भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्य में एनडीआरएफ की टीम ने अत्याधुनिक Victim Location Camera का उपयोग किया। यह विशेष कैमरा मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश के लिए बनाया गया है। कैमरे में हाई-रिजॉल्यूशन लेंस, एलईडी लाइट, माइक्रोफोन और स्पीकर लगे होते हैं, जिनकी मदद से बचाव दल मलबे के अंदर की स्थिति देख सकता है और यदि कोई व्यक्ति जीवित हो तो उससे संपर्क भी कर सकता है।

हाल ही में हुए भूस्खलन हादसे में कई घर मलबे की चपेट में आ गए। राहत दल ने कैमरे को मलबे के भीतर भेजकर फंसे लोगों का पता लगाने का प्रयास किया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी आधुनिक तकनीकें आपदा प्रबंधन में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं क्योंकि इससे बचाव कार्य की गति बढ़ती है और जीवित लोगों को जल्दी खोजा जा सकता है।

Victim Location Camera लगभग 5 मीटर तक अंदर पहुंच सकता है और जरूरत पड़ने पर लंबी केबल के जरिए और गहराई तक भेजा जा सकता है। यही कारण है कि भूकंप, इमारत ढहने और भूस्खलन जैसी आपदाओं में इसका व्यापक उपयोग किया जाता है।