जलगांव जिला परिषद में 92 कथित फर्जी दिव्यांग कर्मचारियों का मामला सामने आने के बाद अब जलगांव महानगरपालिका में भी दिव्यांग प्रमाणपत्रों को लेकर बड़ा खुलासा होने की संभावना है। मनपा में दिव्यांग आरक्षण और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने वाले 24 कर्मचारियों के प्रमाणपत्रों की सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) द्वारा पुनः जांच की जा रही है।

अब तक प्राप्त रिपोर्ट में केवल 5 कर्मचारियों के दिव्यांग प्रमाणपत्र सही पाए गए हैं, जबकि कई अन्य कर्मचारी संदेह के घेरे में हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों की वास्तविक दिव्यांगता 0 से 10 प्रतिशत के बीच पाई गई है, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार दिव्यांग आरक्षण और विशेष सुविधाओं का लाभ लेने के लिए कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता होना आवश्यक है।

मनपा प्रशासन ने लंबित रिपोर्ट के लिए जीएमसी को दो बार स्मरण पत्र भी भेजा है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन और आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले ने मनपा प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है और सभी की नजर अब अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी है।