जलगांव, महाराष्ट्र: जलगांव महानगरपालिका को 42 करोड़ 60 लाख 76 हजार 562 रुपये का कथित आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मामले में अटलांटा कंस्ट्रक्शन कंपनी और अन्य संबंधितों के खिलाफ दर्ज आर्थिक अपराध की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा की जा रही है। इस बीच नगरसेवक अरविंद देशमुख ने गंभीर आरोप लगाया है कि महानगरपालिका प्रशासन जांच में सहयोग नहीं कर रहा और अटलांटा कंपनी को बचाने की कोशिश की जा रही है।

देशमुख के अनुसार, आर्थिक अपराध शाखा ने आवश्यक दस्तावेज, अनुबंध, वित्तीय रिकॉर्ड और फाइलें उपलब्ध कराने के लिए महानगरपालिका को पांच बार नोटिस जारी किए। इसके बावजूद अब तक जांच एजेंसी को अपेक्षित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

उन्होंने बताया कि सड़क परियोजना के लिए अटलांटा कंपनी को लगभग 10.35 करोड़ रुपये मोबिलाइजेशन एडवांस तथा करीब 14 करोड़ रुपये मेंटेनेंस के नाम पर दिए गए थे। मेंटेनेंस खर्च का आंशिक हिसाब प्रस्तुत किया गया, लेकिन मोबिलाइजेशन एडवांस और बकाया राशि का संतोषजनक विवरण नहीं दिया गया। इसी आधार पर कुल 42.60 करोड़ रुपये की आर्थिक हानि का मामला दर्ज किया गया है।

देशमुख ने कहा कि 6 मई, 16 मई, 8 जून, 2 जुलाई और 15 जुलाई 2026 को जारी पांचों नोटिसों के बावजूद प्रशासन ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि इन सभी नोटिसों की प्रतियां और संबंधित दस्तावेज उन्होंने स्थायी समिति की बैठक में भी प्रशासन के समक्ष रखे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामला दर्ज होने के बाद अटलांटा कंपनी के निदेशकों ने अदालत का रुख किया है। ऐसे में महानगरपालिका को अदालत में मजबूत पक्ष रखना चाहिए था, लेकिन उसकी भूमिका कमजोर दिखाई दे रही है, जिससे कंपनी को अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की आशंका पैदा हो रही है।

देशमुख ने मांग की कि महानगरपालिका तत्काल सभी आवश्यक दस्तावेज आर्थिक अपराध शाखा को सौंपे तथा जांच में सहयोग न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

हालांकि, स्थायी समिति की बैठक में महापौर और नगर आयुक्त ने महानगरपालिका की वित्तीय स्थिति को देखते हुए विभिन्न विभागों में लागू आर्थिक मितव्ययिता (किफायत) नीति की सराहना की और राजस्व बढ़ाने तथा अनावश्यक खर्च रोकने के प्रयासों को जारी रखने की आवश्यकता बताई।

अरविंद देशमुख ने अंत में कहा कि जलगांव की जनता के एक-एक रुपये की वसूली और इस मामले के सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।