महाराष्ट्र सरकार की 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना-2026' के तहत किसानों के आधार प्रमाणीकरण (KYC) का कार्य तेजी से जारी है। योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को फसल ऋण से राहत प्रदान करना है। इसके लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, जिसके बाद पात्र किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिलेगा।
योजना के अनुसार 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच वितरित फसल ऋण इसमें शामिल किए गए हैं। 30 सितंबर 2025 तक की बकाया राशि को आधार माना जाएगा, जबकि 31 मार्च 2026 तक अवैतनिक रहने वाले ऋण पर कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा। पात्र किसानों को अधिकतम 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी मिलेगी।
जिन किसानों की बकाया राशि 2 लाख रुपये से अधिक है, उनके लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) का प्रावधान किया गया है। ऐसे किसानों को दो लाख रुपये से अधिक की राशि बैंक में जमा करनी होगी, जिसके बाद उन्हें दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी मिलेगी।
इसके अलावा, 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में समय पर फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन अनुदान भी दिया जाएगा।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को आधार प्रमाणीकरण कराना आवश्यक है। प्रमाणीकरण के बाद लाभार्थियों की सूची योजना के पोर्टल, संबंधित बैंक शाखाओं और जिला उपनिबंधक सहकारी संस्था कार्यालय में उपलब्ध कराई जाएगी। यदि गांव स्तर की सूची और पोर्टल पर दर्ज बकाया राशि में अंतर पाया जाता है, तो पोर्टल पर दर्ज राशि ही अंतिम और मान्य मानी जाएगी।
जलगांव जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (JDCC Bank) के 53,896 किसान कर्जदारों में से अब तक 31,744 किसानों की KYC और आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं, राष्ट्रीयकृत बैंकों के 11,497 किसान कर्जदारों में से 4,740 किसानों का KYC कार्य पूरा किया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि शेष किसानों का आधार प्रमाणीकरण भी तेजी से कराया जा रहा है ताकि पात्र किसानों को जल्द से जल्द कर्जमाफी का लाभ मिल सके।
सरकार के अनुसार आधार प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद प्रत्येक किसान की पात्रता और कर्जमाफी की राशि निर्धारित की जाएगी। इसके बाद कर्जमाफी की राशि संबंधित बैंक खातों में जमा कर किसानों के ऋण खाते नियमित किए जाएंगे, जिससे वे भविष्य में नए फसल ऋण लेने के पात्र बन सकेंगे।