जळगांव, 25 जुलाई: स्वर्गीय वसंतराव चांदोरकर स्मृति प्रतिष्ठान और भवरलाल एंड कांताबाई फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर आयोजित 'बोलवा विठ्ठल' कार्यक्रम को जळगांववासियों का शानदार प्रतिसाद मिला। लगातार बारिश के बावजूद कांताई सभागार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और रसिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत अनुभूति स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में निकाली गई पालखी-दिंडी और रिंगण सोहळे से हुई। टाळ-मृदंग की धुन और "ज्ञानोबा-तुकाराम" के जयघोष से पूरा सभागार भक्तिमय वातावरण में डूब गया। बच्चों ने फुगड़ी, पावली और रिंगण जैसे पारंपरिक वारकरी खेलों का आकर्षक प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया।

इसके बाद विद्यार्थियों ने विठ्ठल भक्ति से ओतप्रोत अभंग, भजन और भक्तिगीत प्रस्तुत किए। नृत्यांगन अकादमी की छात्राओं ने "विठ्ठला ये रे" गीत पर कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। वहीं वरुण नेवे ने "ज्ञानोबा माऊली तुकाराम..." के गजर से भक्तिमय माहौल को और भी ऊर्जावान बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर कैप्टन मोहन कुलकर्णी, प्रतिष्ठान के अध्यक्ष डॉ. विवेकानंद कुलकर्णी, सचिव अरविंद देशपांडे, उपाध्यक्ष दीपिका चांदोरकर सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। ऐश्वर्या परदेशी ने गुरुवंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रतिष्ठान के पदाधिकारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।