निर्माणाधीन हाइड्रोपावर परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 5 मजदूर अभी भी लापता हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार सुरंग के भीतर मीथेन गैस विस्फोट के बाद बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे कई मजदूर अंदर फंस गए।
हादसे के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, पुलिस और अन्य बचाव दल युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है, लेकिन सुरंग के भीतर की कठिन परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। वहीं राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
