जलगांव में लोक संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आदिवासी किसान और ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे तथा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व लोक संघर्ष मोर्चा की नेता प्रतिभा ताई शिंदे ने किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार द्वारा उन्हें खेती के लिए आवंटित की गई वन भूमि पर भी वन विभाग के कुछ अधिकारी खेती नहीं करने दे रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार डराया-धमकाया जाता है और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

आदिवासी किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध रूप से कर्ज देने वाले साहूकारों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि कुछ सरकारी अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण आदिवासी किसानों की जमीनें नियमों के विपरीत साहूकारों के कब्जे में चली गई हैं, जबकि कानून के अनुसार ऐसी जमीनों का हस्तांतरण नहीं होना चाहिए।

प्रदर्शन के बाद लोक संघर्ष मोर्चा की ओर से विभिन्न मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि वन भूमि पर खेती करने के अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, अवैध साहूकारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा आदिवासी किसानों की जमीनों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करते हैं और आदिवासी किसानों को राहत दिलाने के लिए कौन से निर्णय लिए जाते हैं।