गर्मी की छुट्टियों के उपरांत सोमवार, 15 जून से जिला परिषद के विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए। नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर जिलेभर में शाला प्रवेशोत्सव उत्साह एवं उल्लास के वातावरण में मनाया गया। इसी क्रम में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी करिश्मा नायर ने यावल तहसील के सातपुड़ा पर्वत की तलहटी में स्थित सावखेड़ा सिम तथा डांभुर्णी स्थित जिला परिषद विद्यालयों का दौरा कर विद्यार्थियों का स्वागत किया।
विद्यालय परिसर में पहुंचने पर नन्हे विद्यार्थियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी करिश्मा नायर का अभिनंदन किया। बच्चों के स्नेहपूर्ण एवं निष्कपट स्वागत से वे भावुक हो उठीं। विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति आकर्षण उत्पन्न करने तथा शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
प्रवेशोत्सव के अंतर्गत सुसज्जित बैलगाड़ी पर विद्यार्थियों की शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में मुख्य कार्यकारी अधिकारी करिश्मा नायर स्वयं सम्मिलित हुईं। शोभायात्रा के उपरांत विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सावखेड़ा सिम स्थित विद्यालय की कक्षा पांचवीं की छात्रा कु. कोमल सोनवणे रहीं। उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी करिश्मा नायर का साक्षात्कार लेने की इच्छा व्यक्त की। नायर ने छात्रा के उत्साह को प्रोत्साहित करते हुए तत्काल सहमति प्रदान की। कोमल ने स्वयं अपने हस्तलेख में प्रश्न तैयार किए और पूरे आत्मविश्वास के साथ साक्षात्कार संपन्न किया। उसके इस सराहनीय प्रयास की उपस्थित जनों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा प्रस्तुत आदिवासी लोकनृत्य ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों के उत्साह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण ने शाला प्रवेशोत्सव को स्मरणीय बना दिया।
इस अवसर पर समूह शिक्षा अधिकारी फिरोज पठाण, केंद्र प्रमुख विजय ठाकूर, प्रधानाध्यापक संदीप पाटील, शिक्षक नामदेव सूर्यवंशी, आशा तडवी, धीरज तायडे, पुष्पा तायडे, निखिल संभे, शिवाजी रोहनकर, आशिष भैसारे, अमोल राऊत तथा विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्षा मीना तडवी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
