जलगांव:
कृषि और सिंचाई क्षेत्र की दिग्गज कंपनी जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड (JISL) ने जलगांव में एक नया इतिहास रच दिया है। कंपनी ने अपने मुख्य परिसर में दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-यूनिट हाई-टेक बायोचार (Biochar) सुविधा की शुरुआत की है। औद्योगिक पैमाने पर शुरू किया गया यह अत्याधुनिक प्लांट कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
रोजाना 50 टन से अधिक कचरे का होगा निपटारा
जैन इरिगेशन द्वारा स्थापित इस नए प्लांट में प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन से अधिक कृषि और फलों के अवशेषों (कचरे) को प्रोसेस करने की विशाल क्षमता है। सालाना आधार पर यह प्लांट लगभग 20,000 टन कृषि अवशेषों को रिसायकल करेगा। कंपनी के मुताबिक, सिंगल-यूनिट बायोचार रिएक्टर के मामले में यह वैश्विक स्तर पर दुनिया के सबसे बड़े संयंत्रों में से एक है। जलगांव में लगा यह प्लांट सिर्फ एक शुरुआत है; कंपनी आने वाले समय में ऐसे कई और बड़े प्लांट विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।
क्या है बायोचार तकनीक और कैसे करेगी काम?
अक्सर देखा जाता है कि किसान फसलों के अवशेषों (जैसे पराली या डंठल) को खेतों में जला देते हैं, जिससे भारी वायु प्रदूषण होता है। जैन इरिगेशन का यह प्लांट इस समस्या का स्थाई समाधान देगा।
यहाँ 'पायरोलिसिस' (Pyrolysis) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में कृषि कचरे को बहुत उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है। इस प्रक्रिया से जो कार्बन-समृद्ध पदार्थ बनता है, उसे 'बायोचार' कहते हैं। यह तकनीक हवा में फैलने वाले हानिकारक कार्बन को सैकड़ों वर्षों के लिए सुरक्षित रूप से लॉक (स्टोर) कर देती है।
'फार्म-टू-सोइल' मॉडल: किसानों को होगा दोहरा फायदा
जैन इरिगेशन इस प्रोजेक्ट को 'फार्म-टू-सोइल' (Farm-to-Soil) मॉडल पर चला रही है, जिससे सीधे तौर पर किसानों को बड़ा लाभ होने वाला है:
मिट्टी बनेगी अधिक उपजाऊ: प्लांट में तैयार होने वाले बायोचार को वापस किसानों के खेतों में डाला जाएगा। इससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ेगी और जमीन की पानी सोखने की ताकत (Water Retention) में भारी सुधार होगा।
किसानों की बढ़ेगी आमदनी: कृषि कचरे और फलों के वेस्ट को फेंकने या जलाने के बजाय अब किसान उसे बेच सकेंगे, जिससे उन्हें अतिरिक्त कमाई का एक नया जरिया मिलेगा।
वैश्विक स्तर पर मिली पहचान, मिलेंगे कार्बन क्रेडिट
इस प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे दुनिया की प्रतिष्ठित कार्बन रिमूवल रजिस्ट्री 'Puro.earth' द्वारा सत्यापित (Verify) किया जा रहा है। इसके जरिए कंपनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्बन डाइऑक्साइड रिमूवल (CDR) क्रेडिट मिलेंगे, जो वैश्विक पर्यावरण संरक्षण मानकों के तहत बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
