विटनेर, 25 मई 2026 – मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत लगातार कम होती जा रही है। ऐसे समय में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गांधी रिसर्च फाऊंडेशन की ओर से आयोजित युवा संस्कार एवं व्यक्तित्व विकास शिविर में ‘रोटरी वाचन कट्टा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विटनेर स्थित डॉ. निलेश (जैन) ब्रह्मेचा माध्यमिक विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में 38 शिविरार्थियों ने प्रसिद्ध प्रेरणादायी पुस्तक ‘श्यामची आई’ का सामूहिक वाचन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत एक शिविरार्थी द्वारा साहित्यकार और समाजसेवी साने गुरुजी के जीवन कार्य की जानकारी से हुई। इसके बाद प्रत्येक विद्यार्थी ने ‘श्यामची आई’ पुस्तक का एक-एक परिच्छेद पढ़कर उसमें दिए गए संस्कार, प्रेम, त्याग और मानवता के विचारों को आत्मसात करने का प्रयास किया।
इस अवसर पर रोटरी क्लब जळगांव के अध्यक्ष गिरीश कुलकर्णी ने विद्यार्थियों को पढ़ने का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि “वाचाल तर वाचाल” यानी “पढ़ोगे तो बचोगे” केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला संदेश है। उन्होंने बताया कि पढ़ने से विचारों में परिपक्वता आती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्तित्व का विकास होता है। अच्छी किताबें इंसान की सच्ची मित्र होती हैं और विद्यार्थियों को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करती हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ गांधीवादी अब्दुलभाई, अर्जुन प्रसाद, प्रशांत सूर्यवंशी, विक्रम अस्वार, मयूर गिरासे और चंद्रकांत चौधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान ‘संकल्प अच्छा इंसान बनने का’ पुस्तक का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पुस्तकों के जरिए संस्कार और जीवन मूल्यों को संरक्षित रखने का संदेश दिया गया।
